पाहुँन धनुहिया वाले,पड़े आज सखियांन के पाले।
डमरू डम डमा डम बाजे रे। ऊंचे ऊंचे पहाडो पर शिव शंकर नाचे
हरी हरी दूबडी में बैठा हो गजानन,बैठतोड़ा लागो पूठडा घना।
लेता जाओ सांवरिया बीड़ी पान की रे।
मेरे शंभू मेरे संग रहना
ओ श्याम सुन्दर मुरली वाले हम तुमसे मोहब्बत कर बैठे
बस बात जरासी, होसी लिखी रे तकदीर
झीनों झिणों कजलो,सार ले सुहागण,
बरसाना रहने दो मुझको भी लाडली।
बनकर के रोशनी मेरा श्याम आएगा।
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