ओ देवा गणपति देवा
सारी उम्र करुँगी सेवा
के भक्तो की लाज रखना।
आज मेरे अंगना में आओ नन्दलाल,
रो-रोकर चिल्लाए रे बीमार भये कान्हा
लाल चुनरिया मैया की ऐसी रंगवाऊंगी
तुम्हे तो कोई बुला रही गोपाल
सालासर के बालाजी हे सुनियो म्हारी बातडली
मेरा बनके आईयो लीलहार कन्हैया मोहे ले जाइयो।
गजानन थे छत्तर धारी
बरसाना ऐसा बसा ले किशोरी। फिर कभी लौट के घर नहीं आऊं
पकड़ लो मेरा पतवार तुम,
You must be logged in to post a comment.