औरत क्यों प्यारी होती है?
हम तेरे प्यार में लुट गए सांवरे,
स्वामिनी अपनी मान रे मोहिनी।
अंबे तो चढ गई पहाड़ों पे
मेरा तो एक ही साथी श्याम सरकार है
करूं फिक्र क्यों बाबा जब तू है पालनहार।
कई खेल्या कई खेल सी ,
आवेंगे कभी क्या श्याम सखी,
मन जाने कैसा होता है।
काना थाने पूछे माता थारी, क्यों खायो माखन मुरारी
जबसे किया भरोसा मैंने मेरे बने सब काम,
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