चुगली करनी छोड़ री बुढ़िया करले भजन बुढ़ापे में।
बन्ना म्हारा केसरियो,
हजारी गुल रो फूल,
मथुरा में आजा मेरी राधा क्यों रूठे राधा घणी-घणी
म्हाने बेगा सा बुला लो बाबा रहयो नही जाय।
मुस्कुराकर मैं हरदम कहूं मेरा बाबा मेरे साथ है
गांजा पिए दो तोला रे।तोला रे।बम बम महादेव भोला रे
यह पर्दा हटा दो जरा ललना दिखा दो
तेरी बंसी पे पागल है सारा जहां, गर में उसको चुरा लूं तो कैसा रहे
तेरे गले को हार जंजीरों रे, सतगुरु सुलझावेगा
तने कियां समझाऊ रे मनवा तने कियाँ समझाऊ
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