बन्ना है आज रघुनंदन, नजारा हम भी देखेंगे,
Category: shadi geet
मैं तो तेरे संग ना चलूंगी ओ सैया दीवाने ।
बनासा रो पाल्यो पोस्यो, बांदरो म्हार महलां चढ़ग्यो ।
चमक्यो चमक्यो सुरज चमक्यो-२ आज म्हारै आंगणै कि बन्नो घोड़ी चढ़यो
सन सना सन सांय-सांय, हो रही थी रेल में।
बीरो भात भरण न आयो, म्हारो राख्यो मान सवायो,
धीरे-धीरे पांव घरे म्हारी बनड़ी રहोले होले पांव धरे रे म्हारी बनडी
कौन से शहर में बना लागी रे नौकरीया
म्हारी अमर सुहागण बनड़ी फेरां में बेठी
आगणिय पधारी है म्हारी बहुराणी
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