बन्ना है आज रघुनंदन, नजारा हम भी देखेंगे, बना है आज रघुनंदन,
बन्ने के शीश का सेहरा, लड़ी लड़ीयों से उलझी है। उलझने वाली लड़ीयों का नजारा हम भी देखेंगे।बन्ना है आज रघुनंदन, नजारा हम भी देखेंगे, बना है आज रघुनंदन,
बन्ने के हाथों की घड़ियां, नजर कंगन से उलझी है ।उलझने वाले कंगन का नजारा हम भी देखेंगे।बन्ना है आज रघुनंदन, नजारा हम भी देखेंगे, बना है आज रघुनंदन,
बन्ने के पैरों का जूता, नजर चालो पे उलझी है। उलझने वाली चालो का नजारा हम भी देखेंगे।बन्ना है आज रघुनंदन, नजारा हम भी देखेंगे, बना है आज रघुनंदन,
बन्ने के संग में भैया, नजर महफिल पे अटकी है। उलझने वाले महफिल का नजारा हम भी देखेंगे।बन्ना है आज रघुनंदन, नजारा हम भी देखेंगे, बना है आज रघुनंदन,
बन्ने के साथ में डोला, नजर बन्नी से उलझी है, उलझने वाली नजरों का नजारा हम भी देखेंगे।बन्ना है आज रघुनंदन, नजारा हम भी देखेंगे, बना है आज रघुनंदन,