सर्वसुखदायिनी मैया वरदायिनी,
हे माँ नारायणी तू ही जग तारणी,
Category: रानीसती दादी भजन लीरिक्स
धरती सतिया री राजस्थान, वहां पे मेरा प्राण बसता,
तीन शक्तियां अद्भुत देखी,मैने राजस्थान में।
भर दे झोली मेरी झुंझनू वाली।
तेरे दर से ना जाऊँगा खाली,
चुनरी उढ़ाऊ तेरे मेहँदी लगाऊ, तेरा लाड लड़ाऊं माँ
मैया जी मैं तो आया थारे द्वार जी,
टाबरियां कानी मुलको तो सही।
दादी जी म्हारे घरा पधारी, तन धन जी भी साथ है।
दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है।
दीवाने हैं दादी के,हम तो मतवाले हैं।
राचनी मेहंदी है,बिराजी दादी है
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