पूछते हो कन्हैया कहां है, वो तो जमुना किनारे मिलेंगे
Author: Pushpanjali
भक्तों की नाव श्याम प्रभु पार कीजिए
ओ भगता रा सीरदार श्याम थे आ जाओ जी आ जाओ
लटक निराली हे वनमाली कैसे करूं बखान, अनोखी झांकी है
कर दे दिनों का दुख दूर है, बाघाम्बर वाले ।
दया करो तो अभी ना कर दो, दयालु फिर कब दया करोगे।
सांवरिया के आगे खड़यो हूं कर जोड़। मायरो भरेगो मेरो प्यारो नंदकिशोर।
सलूना श्याम मारे कानी जोवो जी
एक अर्ज मेरी सुन लो दिलदार हे कन्हैया
धन-धन भोलेनाथ सदाशिव, कमी नहीं है खजाने में।
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