कर चेत मेरी मैया, क्यूं देर लगावे हैं।
Author: Pushpanjali
हंसा चाले तो ले चालूं रे झुंझनू नगरी।
श्यामा मेरा रे,में सांवरिया सरकार की
गजानंद आनंद करियो जी।
सांवल सा गिरधारी, भला हो रामा सांवल सा गिरधारी।
म्हारा नटराजा थारे नचायो नाचूं।
थाने पर्दे में राखा जी बाबा श्याम। नजर लग जावेगी।
चालो देखन ने राधेजी थारो कान्हो नाचे रे। चालो देखने ने।
जरी की पगड़ी बांधे, यह सुंदर आंखों वाला।
राधा बन गई जिलाधीश और, ललिता पुलिस कप्तान। पकड़े गए कृष्ण भगवान।
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