मेरो छोटो सो लड्डू गोपाल, सखिरी बड़ो प्यारो है,
Author: Pushpanjali
ना गोरे का ना काले का,घनश्याम मुरली वाले का
हम लाड़ले खाटूवाले के, हमें बाबा लाड़ लड़ाता है
शूकर सांवरे तेरा,ये जीवन रहा है गुजर सांवरे
जरी की पगड़ी बांधे,सुंदर आंखों वाला
सांवरे को मन में जो बसाए,कभी न दुःख पाए
श्याम तेरे मुखड़े का देखा जो नजारा
मां के मंदिर में लगा है दरबार, मैं छम छम नाचूंगी।
बैठ रेल में आऊं रे,मेरी शेरावाली मैया।
में वृंदावन में रोई,मेरे श्याम को मनालो कोई
You must be logged in to post a comment.