आई द्वार मां कर दो पार मां,मेरी नैया पड़ी है मझधार मां
Author: Pushpanjali
ओढ़ी ओढ़ी मेरी मैया ने,लाल चुनरी।
लाल चुनरी मां लहराके, पीला शेर मां सजाके,आजा होके पवन वाली चाल
शेरोंवाली के बिछुवे सुनार घड़दे,जाके पहनाऊं मैया के पैरों में।
मिश्री से मीठे बोल,हमारी राधा रानी के
मेरे संग मेरी दादी खड़ी,ध्यान रखती मेरा हर घडी
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी
तूने पानी में ज्योत जगाई रे।
तेरी जय हो ज्वाला माई रे।
रिमझिम रिमझिम पड़े फुहार,नभ से बरसे अमृत धार
सांवरे सलोने आजा, तेरा इंतजार है
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