मन्नै लादे केसरी बाणा माँ, मन्नै जोगी के संग जाना माँ,
चलता चल रे भक्ता, महाकाल सवारी में,
सुर की गति मैं क्या जानूँ .
एक भजन करना जानूँ ..
हर सांस में हर बोल में हरि नाम की झंकार है .
धजबन्द लाज रखो म्हारी, ओ बापजी कलम रखो म्हारी,
राम नाम तू जप ले रे बंदे, बनेंगे तेरे काम
हारे को मिलती जीत जहां दरवार में जिनके जाता हुं
जमुना में लहर उठे भारी, मेरा हाथ पकड़ लो बनवारी।
दरबार में आकर बाबा को, तू अपना हाल सुनाए जा,
चाँद जैसा मुखड़ा माँ का, बैठी है दरबार में
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