सौदागर रम रयो दो नैना के बीच।
कह देना उधो, इतनी सी बात हमारी,
जब जी ना लगे हनुमान हमारे घर आ जाना
खेलन होरी आ राधा प्यारी,
होली खेले अंजनी के लाल सिंधुर की होली खेले,
रंग लेके, चंग लेके, ग्वालो को संग लेके,
नन्दलाल आया,
बिगड़े हुए नसीब को हमने बना लिया
भीम बलवान गए वन में फूल लाने को,
गजानन न्यूतो देर बुलाया, थे मोड़ा किस विध आया
मैं तो उगतडे प्रभात सूरजमल जोडू दोनों हाथ।
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