भीलनी तेरे आवेंगे भगवान रात ने सोइए मत ना,
धन्य हुई सांवेर की धरती,
जहाँ लगे दरबार तुम्हारा।
ग्यारस बरत उजमाईयो रे बेटा से अरज करे थी।
हे कृष्ण कर्ताधर्ता आप दोष औरा पे लावे से।
हे बिना मेल बिगड़ जाए खेल भोले से कैसे शादी कर दूं।
गाओ रे गाओ रे महिमा भोले नाथ की,
गुरु जी म्हारा पंछी नजर नहीं आया।
बिगड़ी बना दे बाबा हारे का सहारा तू
देखो लीले पे होके सवार मेरे सरकार आये है
ना मंदिर में रहता ना रहता है मकान में,
You must be logged in to post a comment.