पर्वत पर धूम मचाई रे भोले बाबा तुमने
भोले डमरू बजा दो एक बार हमारे हरी कीर्तन में
सब तेरा महादेव
मैं तेरा तू मेरा
खाटू का फागण त्यौहार जिसने देखा पहली बार
वो पहली बार वृंदावन का जाना याद आता है
आज मेरी आ सकती है फिर कल को तेरी बारी है ।
पार्वती बोली शंकर से,
सुनिये भोलेनाथ जी,
मेरे लिए तो सबसे पहले मेरे भोले नाथ।
शिवा शिवा शिवा शिव शंभू,
हर हर गंगे, शिव पार्वती संगे
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