मेरी हैसियत से बढ़कर झोली को भर दिया है।
तुमसे ना बोलू बता फिर और किसे बोलू
तेरी आशिक़ी में जोगी बन कर दर दर के ठोकर खाता हु
चिठियाँ नी आउंदियाँ मैनु तेरी चिठियाँ नी आउंदियाँ,
ताने सुन सुन कर संसार के आया हु,
तु क्या भोले को चढ़ाएगा भोला सबको देता है।
जिसे दुनिया ने शीश का दानी कहा मैं बात उन्ही की सुनाता हूं
गोपी बन जाओ भोले घुंघटा निकाल के।
मैं दासी बन जाऊँ शिवशंकर डमरू वाले की।
भोले जी तेरी एक ना मानूंगी,
सवेरे उठ पीहर जाऊंगी।
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