म्हारी झोपड़ी बना दे भगवान किनारों काशी रो। काशी रे किनारे मारी गंगा जमुना। स्नान करूं सुबह शाम,किनारों काशी रो।म्हारी झोपड़ी बना दे भगवान किनारों काशी रो। काशी रे किनारे म्हारो तुलसी रो क्यारो।में तो दीपक करूं सुबह शाम,किनारों काशी रो।म्हारी झोपड़ी बना दे भगवान किनारों काशी रो। काशी रे किनारे म्हारा गुरु सा बिराजे।में […]
जय श्री श्याम, जपता रहूं मैं तेरा ही नाम
लो खाटू में आ गए हैं प्यारे तेरे बावरे
दोए -दोए गुजरिया के बिच में ,
अकेलो क़ानूड़ो।
राधा प्यारी से कान्हा खेलें फाग री,
भागा रे भागा रे भागा नंदलाला, राधा ने पकड़ा रंग डाला।
म्हारी चुनर भीगी भीगी, जाए रे श्याम
सुन ले सुन ले ए नंदरानी कान्हो रंग लगावे है
घुंघट खोल ले मिसरानी आगयो बाबा को दरबार घुंघट खोल ले
फागण आयो रे चलो श्याम के द्वारे।
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