रंग खेले रघुवर श्री राम जी आज होली अवध में।
थाने निवण करा मैं बारंबार, मेरी करणी माता अर्ज़ सुनो
भर लाये भभूत का झोला,होरी खेले बम बम भोला।
हे री मने एक जन्या नंदलाल,ननद मत फूके होली में।
आया फागण मेला सबका तन मन देखो मचल रहा।
मन हो गयो मस्त मलंग फागण आयो है।
करणी जी कृपा कीजो मैं तो आया थारे द्वार
म्हाने खाटू वालो, म्हारो बाबो श्याम, खिलावे देखो गोद्या में,
होरी खेलूं मैं,श्याम तेरे संग ना,
मजा मार मेरा रसिया नीम के तले।
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