बाबूजी मेरा टिकिट क्यों लेता,
तू खोल खजाने खुशियों के, बस इतनी मैहर मैया कर दे।
गिरधर जब अपनों करी जाने।
श्यामसुंदर म्हारे बसे तन मन में,
नीचे भाभी मस्तान ऊपर देवरियो जवान
मोहे श्याम की बनाए दे दुर्गे मां।
ओरे मोरे मन श्री राधिका रमण
दर्शन मैं कर के चली जाऊँगी,
मैया खोलो किवाड़ी,
तूं है गजब बजरंगी तेरी माया गजब है।
मेरी किस्मत का चमका सितारा दिया
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