अन्न नहीं आवे म्हारे काम, आज मारे एकादशी।
कौन दिशा में प्रभु तेरी रे नगरिया,
ओ तन जावसी रे मनवा,
चेत सके तो चेत,
मोड़ो घणो आयो रे सावरिया,
थे मारी लाज गमाई रे।।
छोटी सी किशोरी, मोरे अंगना में डोले रे
जगत में राम नाम आधार।।
सब ते न्यारा प्यारा लागे बालाजी दरबार मने।
किस्मत मेरी संवर गई है पाकर तेरा दरबार।
श्याम मेरी तुमसे लड़ाई है।
हँस हँस पूछे भेरू,
मनडे री बातां
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