कैसा रंग रंगीला हो, राम हनुमान तेरा।
हरी भजन बड़ी तलवार, राधे राधे गोविंदा
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Ma ye by neeraj jain, मां ये,
मां ये,
एक धर्मी पूछे पापी ने
जो भी दरबार से पाया वह सब तुम्हारा है
जैसे-जैसे भक्त चलाए वैसे चले भगवान
थारो चंदा जैसो मुखड़ो, थारो रूप चांद को टुकड़ो
तेरे चरणों में हो घर मेरा
ओ कृष्ण मैं हूं भक्त तुम्हारा।
नाचे ठुमक ठुमक हनुमान राम धुन मस्ती में,
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