बिगड़ी सारे भक्तों की श्याम ही बनाएगा।
खाटू में बैठा दरबार लगाकर लखदातारी
प्यारा लागो भाभी ने देवर लाड़ला जी राज।
आसी बाबुल को परिवार, भरने मायरो घनो जोरदार
गोरी से लाल बनाय गयो री बांको कृष्ण मुरारी।
मेरा रोम रोम बोले जयशंकर बम भोले,
हां ऐसी होती बेटी है।
मेरी रौनक से मेरी लाडो तू
मेरा नन्हा सा बेटा है चांद का टुकड़ा
याद रह रहे के आती बड़ी बरसाने की एक एक गली,
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