मै तो राधे राधे गाऊ श्याम तेरी गलियों मे,
ऐ मेरे साँवरे, तू बता रास्ता,
हार कर आया हूँ, अब तो दे आसरा,
ना रहा इस जग से नाता ना रहा कोई ठिकाना।
करले भजन ओ मूरख बंदे बैरी बुढ़ापा आएगा।
म्हारो कुन सो है त्योहार फागण से बढ़ के
जहा जुटेंगे श्याम के प्रेमी,करेंगे प्रेम पुकार
आएंगे आएंगे सांवलिया सरकार।
मेरी इस ज़माने में हस्ती ना होती,
अगर तुम ना होते अगर तुम न होते,
श्याम तेरे चरणों में मेरा है ठिकाना।
बन के तेरा नौकर, ये जीवन बिताना है,
चरण जा के दावे गिरधारी। उनकी ले लेई शरण, नाम जिनको राधा प्यारी।
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