तकदीर मुझे ले चल श्रीनाथ की नगरी में,
ये उम्र गुजर जाए श्रीनाथ की नगरी में
श्याम धनि का फागण मेला आ गया,
मेलो लाग्यो श्याम धणी,
को भक्तो हो जाओ तैयार,
काम धाम ने छोड़ बाबली,
जल्दी कर ले त्यारी,
तेरे बिना सांवरे ना रह सकूँ,
ना जी सकूँ मैं ना मर सकूँ,
ओ सांवरे हमको तेरा सहारा है,
तेरी रहमतो से चलता,
हो मेला फागण दा, आंदा है हर साल,खाटू चल भगता लेकर रंग गुलाल,
रे भगतो झूमो नाचो गाओ जरा मस्ती में तुम आ जाओ,
जब तक फागुन मेला तेरा आता नहीं,
हाथो में निशान मेरे लहराता नहीं है,
खुल गई किस्मत हमारी आप के दरबार में।
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