हो मेला फागण दा, आंदा है हर साल,खाटू चल भगता लेकर रंग गुलाल, होली खेलांगे श्याम धणी दे नाल।हो मेला फागण दा,
फागण महीने विच लगिया है मेला, लोके भाजे भाजे सब चले आंदे।🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺 भगतां दी टोली खेले बाबे संग होली,रंग श्याम नू सारे लगांदे। चंग और ढोल बाजे, देखो सारे झूमे नाचे, करदे ने मिलके धमाल।
हो मेला फागण दा, आंदा है हर साल,खाटू चल भगता लेकर रंग गुलाल, होली खेलांगे श्याम धणी दे नाल।हो मेला फागण दा,
तीन बाण धारी मेरा श्याम बिहारी, देखो किन्ना सोना खाटू वाला लगदा।🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺 किन्नी सोनी लागे तेरी नीले दी सवारी बाबा सुवे सुवे चोले बीच सजदा। दर तेरे आके सारे दर्शन पाके,देखो खुशियांचे होने निहाल।
हो मेला फागण दा, आंदा है हर साल,खाटू चल भगता लेकर रंग गुलाल, होली खेलांगे श्याम धणी दे नाल।हो मेला फागण दा,
सारी सारी रातें इत्त्थे होते जगराते, नाल मिल सारे भेंटे है गोंदे।सारे वासे लगदेने श्याम दे जयकारे,सारे रलमिल भांगड़े है पूंदे।🌺🌺🌺बल्ले बल्ले होंगी सारे मेले बीच देखो,मेरे सांवरे ने किंदा है कमाल।
हो मेला फागण दा, आंदा है हर साल,खाटू चल भगता लेकर रंग गुलाल, होली खेलांगे श्याम धणी दे नाल।हो मेला फागण दा,