Categories
श्याम भजन लिरिक्स

Kaam dham ne chod bawli jaldi kar le tyari,काम धाम ने छोड़ बाबली,जल्दी कर ले त्यारी,shyam bhajan

काम धाम ने छोड़ बाबली,
जल्दी कर ले त्यारी,

काम धाम ने छोड़ बाबली,
जल्दी कर ले त्यारी,
खाटू वाले श्याम धणी के,
लाग्या मेला भारी।

फागण की ग्यारस ने जाकर,
देख नज़ारा धाम का,
दरबार सजा कितना प्यारा,
मेरे खाटू वाले श्याम का,
एकबार जाके देख धाम पै,
जी सा आज्या प्यारी,
खाटू वाले श्याम धणी के,
लाग्या मेला भारी।

खाली झोली भरदे जो भी,
सच्चे मन ते जावे सै,
बाबा के दरबार में,
मुंह माँग्या फ़ल वो पावे सै,
मन की मुरादें पूरी कर दे,
कलियुग को अवतारी,
खाटू वाले श्याम धणी के,
लाग्या मेला भारी।
खाटू वाले श्याम धणी के,
लाग्या मेला भारी।

या गजबण भी रै फैन हो गई,
नीले घोड़े आले की,
बाबा के जयकारे लाती,
सारी दुनियां ज्यारी,
खाटू वाले श्याम धणी के,
लाग्या मेला भारी।
खाटू वाले श्याम धणी के,
लाग्या मेला भारी।

कोई पेट पलनीय जावै रै,
कोई जावे डीजे लेके,
मन की चावी हो जावे रै,
जो चरणां में माथा टेके,
कह श्याम भगत या अर्जी बाबा,
बिगड़ी बन ज्या सारी,
खाटू वाले श्याम धणी के,
लाग्या मेला भारी।
खाटू वाले श्याम धणी के,
लाग्या मेला भारी।

काम धाम ने छोड़ बाबली,
जल्दी कर ले त्यारी,
खाटू वाले श्याम धणी के,
लाग्या मेला भारी।

Leave a comment