खुल गई किस्मत हमारी आप के दरबार में। मिल गई खुशियां भी सारी आप के दरबार में।
सदियों से भर्ती ही आई तेरे दर पर झोलियां। सिलसिला अब भी है जारी आप के दरबार में।मिल गई खुशियां भी सारी आप के दरबार में।
खुल गई किस्मत हमारी आप के दरबार में। मिल गई खुशियां भी सारी आप के दरबार में।मिल गई खुशियां भी सारी आप के दरबार में।
आपने इस तन बदन में प्यार इतना भर दिया। मिट गई नफरत हमारी आप के दरबार में।मिल गई खुशियां भी सारी आप के दरबार में।
खुल गई किस्मत हमारी आप के दरबार में। मिल गई खुशियां भी सारी आप के दरबार में।
बिन कारण और गूढ़ अहम में बाबा मैं मदहोश था। उतरी है सारी खुमारी, आप के दरबार में।मिल गई खुशियां भी सारी आप के दरबार में।
खुल गई किस्मत हमारी आप के दरबार में। मिल गई खुशियां भी सारी आप के दरबार में।
सांवरे हमें आपके बिन दूसरा ना आसरा। भक्तों का विश्वास भारी आप के दरबार में।मिल गई खुशियां भी सारी आप के दरबार में।
खुल गई किस्मत हमारी आप के दरबार में। मिल गई खुशियां भी सारी आप के दरबार में।