हर हर शिव शम्भू जय जय केदारा
रंग रुडो रे राठौड़ा थारी महफिल रो,रंग रुडो रे
एक बार उज्जैन आकर तो देखो।
हर हर हर हर, हर हर हर हर, महादेव बोलो।
वृंदावन में नाचे रे देखो, शिव शंभू नाथ
भज नांदेश्वर महाराज निरंजन निका,
सुन पर करुण पुकार भगत की, दौड़यो आयो जी।
भक्त वत्सलाये नमःशीत कंठाये नमः,
म्हाने तो भावे रे बादामां री कतली
अब काशी में ज्ञान वापी के ,मंदिर की तैयारी है।
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