थारी चाकरी में चूक कोनी राखुं म्हारा सांवरिया,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
उंगली पकड़कर ले आया मुझे,खाटू नगरी घुमाया मुझे।
कभी रूठना ना मुझसे तूं श्याम सांवरे।
गर तूं चाहे जो सांवरा, मेरा काम हो जाये
सांवरे की महफिल को, सांवरा सजाता है।
आंखों के आंसु हर पल पुकारे,आजा हारे के सहारे
हे श्याम तुम्हारे द्वारे पर,एक दरस भिखारी आया है।
मेरे सीर पे सदा तेरा हाथ रहे
श्याम थारी ओल्यु आवे जी
हे गिरधारी कृष्ण मुरारी,नैया कर दो पार
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