ढल जायेगी उमर धीरे धीरे
Author: Pushpanjali
मां को समर्पित एक कविता
अति कभी ना करना प्यारे इति तेरी हो जायेगी
एक ना एक दिन तो ये होगा मौत आकर के लोरी सुनाए
जैसी तेरी करनी है वैसा ही तूं फल पाए
पद्मिनी एकादशी अधिकमास शुक्
परमा एकादशी अधिकमास कृष्ण
वैशाख शुक्ल एकादशी,मोहिनी एकादशी व्रत कथा
वैशाख कृष्ण एकादशी, बरुथिनी एकादशी
चैत्र शुक्ल एकादशी, कामदा एकादशी
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