गढ़ दे सुनार कंगना,मैया को पहनाऊंगी
Author: Pushpanjali
मेरी मैया रानी आजा,तेरी बाट निहारूं खड़ी खड़ी
मुझे ला दो प्रभु की वही माला।वही माला रे वही माला
जयपुर की चुनरिया मे लाई शेरावालिए
ले बाबा का नाम अमृत बरसेगा,
जंगल में मंगल कर गई रे मेरी शेरावाली मईया
शेरावाली मैया मेरी लाज रखना,
अटल हमारा सुहाग रखना।
दादी जी की कृपा से ठाठ निराले हैं। हम दादी वाले हैं, हम दादी वाले हैं।।
म्हारे तो सेठ तनधन जी, सेठानी म्हारी नाराणी
नाचन लागे भगतां दे दे ताली, गावन लागे भगतां दे दे ताली
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