भजो रे भैया, राम गोविंद हरि, राम गोविंद हरि,
जग में हँसता रहेगा प्राणी, कभी कष्ट ना पाएगा
हिमगिरि सुता रूप जगदम्बा, ब्रह्मचारिणी माते,
मैया जी मैं तो आई द्वारे थारे, मां काटो संकट म्हारे।
अब के नवरात मेरे, अंगना पधारो जगदम्बे भवानी,
सपने में देखी रे, कन्हैया तेरी सुरतिया,
हाथ जोड़ने करू विनती,
मारी जगदम्बा माय, ए मारी चामुंडा ए माय।
आजा तेजल आजा, गौ माता रा राजा
बोलो बोलो बोलो, अम्बे मैया का जयकारा
सब जग तेरा दास भवानी, तू है सबकी मात भवानी।
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