नवरात्रि में अम्बे माता,
नव रूप में आती है,
तू श्याम का सुमिंरन कर, सब दुख कट जायेगा,
कहां बेकसों का रहा ये ज़माना,
चले आओ कान्हा,
मेरी फरियाद सुनले माँ,
तेरे दर आया दीवाना,
ऊँचे ऊँचे पहाड़ो वाली मेरी मैया शेरोवाली,
मैया दिल मेरा खो गया इन पहाड़ों में,
सिंघ पे चढ़के आ रहीं मैया,
हो रही जय जयकार….
बाजे मिरदंग और खड़ताल मां कालका चाली आवे से
भगवा रंग में रंग गया मस्ताना हो गया,
ये जमाना श्री राम का दीवाना हो गया….
बरसात रहमत उसपे हो गई, मेरी राधा रानी जिसके भी साथ हो गई
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