धीरे धीरे डमरु बजा मेरे भोले,
गौरा नाचन आई रे मेरा भोला दीवाना,
पार लगाजो जी सांवरिया, पार लगाजो जी सांवरिया।
औघड़ दानी रहा अलख जगा, मैया तुम्हारे दर पे खड़ा,
सबसे पहले मैं लूंगा, बाबोसा का नाम,
थारे धाम की माटी म्हारै रास आ गई।
ये बंसी वैरन है, दो घड़ी चैन से न सोने दे,
श्याम, तेरी मुरली ने, पागल कर दिया,
कारो – कारो कृष्ण कन्हैया,
राधा रानी गौरी राज ।
माँगन चली सुहाग गौरा रानी से,
देख, छवि साँवरी सी,
मैं तो, हुई बाँवरी सी,
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