राखी को है त्यौहार- सांवल वीरा आजा रे
जन जन का कल्याण करे मेरा भोला बाबा,
शिव डमरूवाले को ना दिल से भुलाना तू,
शंकर जी का कुण्डी सोटा ले गई गौरा पार्वती,
छीन लिया मेरे दिल का चैन करार तू ओ कान्हा
हम है तेरे बस तेरे रहेंगे, नाम तेरा ही जपते रहेंगे,
झूमे झूमे जी भगत, मतवाला बनके,
भज ले प्राणी रे अज्ञानी,दो दिन की जिंदगानी, वृथा क्यों भटक रहा है,
करां मिनतां मैं तेरियां बथेरियां इक बारी आजा सांवरे,
डम डम डम डमरू वाला, शिव मेरा भोला भाला,
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