मैया हम चरणों मे तेरे आ गए
तेरी इस दुनियां में हम घबरा गए।
हुआ जन्म अष्टमी रात, हो रात
छठी आज मनाई कान्हा की,
पल पल राह निहारती,कान्हाँ रे कान्हा रे कान्हा रे,
एक दिन पार्वती कहने लगी भोले से,
पवनसुत राम से कहना, तुम्हे सीता बुलाती है
म्हाने प्यारा घणा लागे है, बाबा थारा कुंकुं रा पगलिया ।
हरि नाम अनमोल रे हरि नारायण बोल रे।
फट गया दूध, जमे कैसे, राधा बिन श्याम मिले कैसे
लंका में पढ़े नहीं चैन अवधपुर ले चलो रे रामा।
भगता रा दिलदार ने देवा रा सिरदार ने बालाजी ने पूजा मंगलवार ने।
You must be logged in to post a comment.