नैना लड़ गए श्याम सलोने से नैना लड़ गए
भोला भाला मुखड़ा है चाल मतवाली,
कद तूं बाबा लहरावेगो मोर छड़ी।
बिनजारा ये सांचों बोल बालद खोल,काई भर ल्यायो रे
मेरे मन में गयो री समाई बिरज को राजा दाऊजी।
अरे लोगों तुम्हारा क्या यह मैं जानू मेरा पिया जाने।
पवनसुत कोन दिशा से आयो
मंगल मूरति प्यारे हनुमान जी,
जय हो हनुमान जी,
ना मालूम किसने भरमाया, पवन सूत अब तक नहीं आया,
रंग लेकर दौड़े हनुमान जी राम जी उठ कर भागे।
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