अलबेली जच्चा के कमर में पीड़ उठे।
मैं तो छोड़ आई माइका तुम्हारे लिए।
म्हारी पांच आंगलिया हरि रे नाम री रे
मिट जाएंगे दुखड़े सारे,
भरोसा रख श्याम प्यारे पे,
तेरी लटा मेरे मन भाई ओ भोले भंडारी,
मेरे घर आजा भोले भंडारी, कुछ ना चाहिए त्रिपुरारी।
तेरे जेहा सोहणा होर नईयो होणा,
मेरे प्रभु का दीदार कहां होगा…..
शिव भोले मेरे, मेरा मन डोले जागो समाधी
कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा, हरी शरण आने के बाद
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