गोरा जी को भोले का योगी रूप सुहाया है,
तेरी दया से मौज है मौज अपनी रोज है,
राम नाम ना जाणे म्हारी बुढ़ियाँ,
राम बुलावा आवे एक दिन, उस बुलावे से डरियो
भोला भंडारी आया मोहन तेरी गली में,
गौरा रानी के प्यारे नैना भोले से लड़े।
जगत में सब मतलब के यार,
पकड़ लो बाँह रघुराई , नहीं तो डूब जाएँगे
सखी ये रंग महलां में,महलां में यो मारे सुदामा मौज।
लाल दरी अंगना में बिछवा दे रे बन्ने
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