जय बाबा की बोल तेरा लागे नाही मोल
ऐसी पिला दे साक़ी बन जाये तू हमारा।
लाखों महफ़िल जहाँ में यूँ तो, तेरी महफ़िल सी महफ़िल नहीं है ।
इक नज़र उनको देखा गज़ब हो गया
भोला बैठल बाड़े अपना कचहरिया में
यो बाबा लखदातारी रे,
राम नाम के साबुन से जो मन का मैल छुड़ाएगा
सांसो की माला पे सिमरूं मैं पी का नाम,
बिहारी तेरे नैना जादू भरे
गोरा तूने अपने लिए,कैसा वर ढूंढा है
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