कालों के काल शिव महाकाल,
तेरी मेरी ना बनेगी मेरे भोले, काहे डाले मेरी गलियों के फेरे।
अरे भर भर लोटा गोरा भांग ले आ।
कैलाश गये भोले की याद सतावे हिचकी
शिव मुझ में है शिव तुम में है। शिव अनेक में शिव एक है।
सारी समस्या का हल बाबा एक लोटा जल
ओ भोले नाथ ओ भोले नाथ तुझसे मेरा यह कैसा है प्यार।
आई शिवरात्रि आई महाशिवरात्रि आई
आँसुओं से पिघलता मेरा श्याम है,
नंदी पे होके सवार भोले चले ब्याह रचाने।
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