तूने इतना दिया रे भोलेनाथ कि गम सारे भूल गई।
फागण का मेला आया बाबा का हेला आया
श्यामा मेला में ले चालू रे
भोले बाबा को मना कर देख कि दुख सारे मिट जाएंगे।
हेमा जल रे कन्या जन्मी नखतरिया पूछाव महाराज,
मन में महादेव जी,
ने दिल में पार्वता,
भोले तुम पर्वत हम नीचे खड़े। दर्शन को आए दोनों जने।
आजा आजा मेरे भोले भंडारी,
देखो देखो भोलेनाथ लेकर भूत प्रेत साथ, चली अजब निराली ये बारात है।
मृत्यु टले ना महाकाल के बिना
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