चिर जीयो होरी को रसिया चिर जीयो।
ज्योत जगाएंगे निशान उठाएंगे, आया फागुन मेला हम खाटू जाएंगे ॥
आज देखना है भोलेजी का ब्याह आए शिव दूल्हा बनके।
हे शीश के दानी श्याम प्रभु तेरे दर की महिमा भारी है।
होली खेले तो हमारे घर आजा सांवरिया,
मुझको नंदी बना ले,
अपना संगी बना ले,
गोरा जी को लेने आए मेरे भोले नाथ जी।
श्याम जी फागण आ रहया से,
तेरी गेल्या खेलां होली।
रंग बिरंगे रंग लाया हूँ,
राधे रानी मैं हटके,
शंभू यह तेरी माया कहीं है धूप कहीं है छाया।
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