भाभी का चेहरा सुहाना लगता है।
आजा मारी भाभी, आजा आपा होली खेला,
मैं कर दी लालम लाल सखी होली के रसिया ने
हरी बोल हरी बोल हरी हरी बोल,
भर जोबन मैं नाव डूबगी तैरादे लनीहारा।
इण लहेरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा स
भजना मे जावा कोनी दे,
माँ ओ माँ तुझे ढूंढू आज कहाँ।
चाल चंदा डागलिये पे, झीणी झीणी चांदनी
सांवरो खेल रहयो होली धुआंधार,
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