मेरी बांह पकड़ लो बाबा बिसराओ ना खाटू वाले
श्याम रंग ज्यो रे म्हाने बाबा रंग ज्यो।
कान्हा ऐसी मारी पिचकारी सारी की सारी भीज गई। भीज गई रे कान्हा भीज गई।कान्हा ऐसी मारी पिचकारी सारी की सारी भीज गई। मैं तो बन ठन गांव की छोरी, आई थी देखन लठ होरी। आकर बरसाने भूली शुद्ध सारी,सारी की सारी भीज गई।कान्हा ऐसी मारी पिचकारी सारी की सारी भीज गई। रंग गुलाल बदरिया […]
कईयां घुंघटियो उठाऊं महाने पाप लागे
फागुन आया रे मस्तीयां लाया रे।
मुख चांद सा दिखा दो श्याम आई शुभ घड़ी।
सारे जग में डंका बाजे बाबा श्याम का।
सबसे निराली होली बरसाना होगी
किशोरी तोरे, चरनन की बलि जाऊँ
मंदिर अब सजने लगा है फागुन अब लगने लगा है,
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