नानी बाई ने नरसी समझावे बार-बार
मैं तो तुम संग होली खेलूंगी मैं तो तुम संग,
तेरा मेरा संवारे ऐसा नाता है,
सासु बोली बिंदनी, तू पानी भरबा जाय
श्यामसुंदर मेरे दिल में बस गयो रे
फागुन आयो रे कन्हैया अब फागुन आयो रे
जब इस दुनिया के धोखो से,
तेरा ये दिल भर जाएगा,
धरती धोरां री इण धरती रे माई
मोती निपजे रे
ढोला म्हारा होली को चंग बाज्यो, रंगीलो फागण आयो रे।
कदी आवो नी रसीला
जोवां थारी बाट घणी
You must be logged in to post a comment.