मीठो बोले रे पपैयो रुत आई फागण री
फागण के महीने में साळी का मजा ले लो
आजा प्रेमी बागां में कोयलड़ी बोले है
दारू छोड़ दे परण्योड़ा थार लार लागी रे
गोरा गोरा गाल थारा घूंघटीये में राखिजे।
उठ मिल ले भरत भाईडा हर आयो रे उठ मिल ले
कुवे पर ऐकली ये
मनड़ो मोयो रे श्याम बाबा खाटू नगरी रे
मनड़ो मोयो र।
म्हारी चुंदड़ी को कर दियो नाश सुवो बैरी गजब करयो
सारो नगर भीज रहयो रंग में
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