उमरिया बीती जाए रे।
गऊ बेचकर बकरी लयावे कन्या का धन खावे
गोविंद गोविंद गाऊंगी मैं तो सांवरे के रंग रंग जाऊंगी
हम वृंदावन आ गए
दूर से आया बाबा धाम तेरे खाटू।
वह लखदातार है वह लखदातार है।
श्याम जी को नाम ले लो
भाभी कड़वा तो बोल्या छे महाने बोलना
श्याम नाम ही दुनियां का बेड़ा पार लगाएगा।
निराली श्याम की नगरी निराला श्याम मेरा है
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