तुम आन बिराजो महारानी।
गौरा मैया चली कैलाश, डमरू बजने लगा
उठ कर ले भजन भगवान का,
तेरे जीवन का तो यही सार है
किस नाम से तुझे पुकारू मैया तेरे नाम हजार।
आज मेरी मैया को किसने सजा दिया
अलबेलो मारो साइबो प्यारो लागे जी
मेरे मन मधुबन में आ ओ वृंदावन रहन वालया।
बड़ा प्यारा सजा है दरबार मां का न्यारा सजा है दरबार
काली महारानी आई भक्तों को तारने।
बैकुंठा रा टिकट कटा दो अब म्हाने नहीं रहना रे।
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