कंकरिया मार के जगाया
कल तू मेरे सपने में आया
कौन दिशा में गोरा लागी रे बजरिया,
यह बंधन छूटे ना यह रिश्ता टूटे
अरे वाह रे जमाना घण चकरी
करो श्याम से यारी मेरी राधा प्यारी
आजकल की देखो लुगायां बजारा नही जावे रे
एक दिन मेरे घर आयेगी, माँ लाल चुनरियां वाली।
मनै चूंदड़ी मंगा दे ओ, ओ नणदी के बीरा।
तुम देना साथ मेरा, ओ राधिके
आवो रणुजे रा राजा,
थारे नवखंड बाजे बाजा,
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